कार्डियो एफ़र्ट एक ऐसा फ़ीचर है जो वर्कआउट के दौरान आपके कार्डियोवैस्क्युलर सिस्टम पर पड़ने वाले ज़ोर को मापता है, और यह देखने में मदद करता है कि आप अपने दिल की सेहत और फ़िटनेस लेवल को बनाए रखने या बेहतर करने के लिए काफ़ी मेहनत कर रहे हैं या नहीं. कार्डियो एफ़र्ट इनके लिए उपलब्ध है:
- Gen3 या उससे नई रिंग, जिसके साथ ऐक्टिव मेंबरशिप हो
- iOS
- Android
यह फ़ीचर Gen2 या उससे पुराने वर्ज़न पर उपलब्ध नहीं है.
कार्डियो एफ़र्ट धीरे-धीरे शुरू किया जा रहा है और हो सकता है कि यह सभी मेंबर्स के लिए तुरंत उपलब्ध न हो.
कार्डियो एफ़र्ट क्या है
कार्डियो एफ़र्ट कैसे इस्तेमाल करें
ध्यान में रखने वाली बातें
और जानकारी
कार्डियो एफ़र्ट क्या है?
कार्डियो एफ़र्ट से आप समझ सकते हैं कि वर्कआउट के दौरान आप ज़रूरत से ज़्यादा वर्कआउट कर रहे हैं या ज़रूरत से कम. कार्डियो एफ़र्ट की मेज़रमेंट आपकी एक्टिविटी की इंटेंसिटी (हार्ट रेट के आधार पर) और उसमें लगे समय से आपके लिए पाँच निजी रेंज बनाती है, और फिर हर हफ़्ते दिखाती है कि आप उनमें से किस रेंज में आते हैं.
कार्डियो एफ़र्ट की रेंज आपके पिछले ट्रेंड्स और हार्ट रेट डेटा के आधार पर तय की जाती हैं. इनकी तुलना किसी एक तय स्टैंडर्ड स्कोर से नहीं की जाती. Oura को समय के साथ आपके बारे में ज़्यादा जानकारी मिलने पर ये रेंज बदल सकती हैं. ये रेंज हैं:
- हल्की: आपका कार्डियो एफ़र्ट आपकी बेसलाइन से काफ़ी नीचे है. इसका मतलब हो सकता है कि आप आराम कर रहे हैं या अपनी एनर्जी वापस पाने के लिए समय ले रहे हैं.
- ठीक-ठाक: आपकी मेहनत नॉर्मल से कम है. रिकवरी के दिनों में हल्की-फुल्की हरकत अच्छी रहती है
- बनाए रखना: आपकी मेहनत लगातार एक जैसी है और आपके तीन हफ़्तों के एवरेज के अंदर है. इस रेंज में आप अपनी फ़िटनेस बढ़ा या बनाए रख सकते हैं
- बढ़ाना: आप नॉर्मल से थोड़ा ज़्यादा ज़ोर लगा रहे हैं, लेकिन फ़िटनेस में सुधार यहीं से आता है. इस रेंज में वक़्त बिताने के बाद रिकवरी के दिन ज़रूर प्लान करें
- ऊँचाई छूना: बड़ी मेहनत कुछ हद तक बहुत बढ़िया हो सकती है, लेकिन रिकवरी के लिए काफ़ी समय ज़रूर रखें, वरना ज़रूरत से ज़्यादा वर्कआउट करने या चोट लगने की नौबत आ सकती है
कार्डियो एफ़र्ट वही नहीं है जो कार्डियो कैपेसिटी (VO2 max) है, जो इस बात का माप है कि एक्सरसाइज़ के दौरान आपकी बॉडी ज़्यादा-से-ज़्यादा कितना ऑक्सीजन इस्तेमाल कर पाती है.
कार्डियो एफ़र्ट कैसे इस्तेमाल करें
पहला कार्डियो एफ़र्ट स्कोर बनाने के लिए Oura App को कम-से-कम दो हफ़्तों (14 दिनों) का डेटा चाहिए. इस कैलिब्रेशन पीरियड के बाद, हर एक्टिविटी के दौरान कार्डियो एफ़र्ट मापा जाएगा और वर्कआउट के बाद वाली स्क्रीन पर दिखेगा.
एक्टिविटी जोड़ने के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए, वर्कआउट कैसे रिकॉर्ड करें वाला हमारा आर्टिकल देखें.
कार्डियो एफ़र्ट आपको आज टैब पर जानकारी वाले कार्ड के रूप में और एक्टिविटी स्क्रीन में वीकली ग्राफ़ के रूप में भी मिल जाएगा. अपने कार्डियो एफ़र्ट स्कोर्स का लंबे समय का चार्ट देखने के लिए कार्ड या वीकली ग्राफ़ पर टैप करें, जिसे आप एक, तीन और छह महीने की रेंज के बीच बदल सकते हैं. यहीं आपको उन एक्टिविटीज़ की लिस्ट भी मिलेगी जिनकी वजह से आपका कार्डियो एफ़र्ट स्कोर बना.
अगर आपकी एक्टिविटी में हार्ट रेट का सिग्नल गायब है या कम है, तो कार्डियो एफ़र्ट उसकी जगह एक अंदाज़न एफ़र्ट स्कोर दिखाएगा. इस अंदाज़न एफ़र्ट को ऊपर या नीचे करने के लिए आप वर्कआउट की इंटेंसिटी ख़ुद एडिट कर सकते हैं. ज़्यादा जानकारी के लिए एक्टिविटी एडिट करना देखें.
ध्यान में रखने वाली बातें
- स्कोर बनाने से पहले कार्डियो एफ़र्ट को कम-से-कम 14 दिनों का डेटा चाहिए. अगर आपको अपने ऐप में कार्डियो एफ़र्ट नहीं दिख रहा, तो अपनी रिंग लगातार पहनकर देखें, ताकि Oura App आपकी बेसलाइन रीडिंग्स कैलिब्रेट कर सके
- कार्डियो एफ़र्ट आपके अपने डेटा के ट्रेंड्स पर बना एक पर्सनलाइज़्ड स्कोर है, इसे किसी बाहरी मीट्रिक से मिलाकर नहीं देखा जाता
- कार्डियो एफ़र्ट आपके वर्कआउट की इंटेंसिटी और उसमें लगे समय से मापा जाता है. वर्कआउट की इंटेंसिटी एडिट करने से आपका कार्डियो एफ़र्ट स्कोर भी बदल जाएगा
और जानकारी
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