इस आर्टिकल में बताया गया है कि Oura आपका रेडीनेस स्कोर कैसे नापता है, एक “अच्छा” स्कोर क्या होता है, इसे सुधारने के आसान टिप्स क्या हैं, और वे कौन से कारण हैं जिनकी वजह से आपका रेडीनेस स्कोर कम हो सकता है.
रेडीनेस स्कोर क्या है?
Oura रेडीनेस को कैसे नापता है
अच्छा रेडीनेस स्कोर क्या है?
क्राउन आइकन क्या है?
अपना रेडीनेस स्कोर कैसे बेहतर करें
वो बातें जिनसे आपका रेडीनेस स्कोर कम हो सकता है
रेडीनेस स्कोर क्या है?
आपका रेडीनेस स्कोर यह दिखाता है कि आपकी रिकवरी और एक्टिविटी के बीच कितना अच्छा बैलेंस है. यह आपकी नींद की क्वालिटी, बॉडी सिग्नल्स और एक्टिविटी लेवल देखकर बताता है कि आप दिन की शुरुआत करने के लिए कितने तैयार हैं.
Oura रेडीनेस को कैसे नापता है
रेडीनेस स्कोर आपके शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म दोनों तरह के मेट्रिक्स, यानी आपके रेडीनेस कॉन्ट्रिब्यूटर्स को ध्यान में रखता है. रातभर के मेट्रिक्स में शामिल हैं सबसे कम रेस्टिंग हार्ट रेट और उसका टाइमिंग, औसत बॉडी टेम्परेचर, नींद की क्वालिटी, और पिछले दिन की शारीरिक मूवमेंट. लॉन्ग-टर्म मेट्रिक्स में HRV, नींद और एक्टिविटी का बैलेंस शामिल होता है.
जिन रेडीनेस कॉन्ट्रिब्यूटर्स के नाम में 'बैलेंस' आता है, जैसे एक्टिविटी बैलेंस, HRV बैलेंस, और स्लीप बैलेंस, वे आपके पिछले 14 दिनों के वेटेड एवरेज का इस्तेमाल करते हैं. यह आपके हाल के 14 दिनों के औसत (जहाँ पिछले 2–5 दिनों को थोड़ा ज़्यादा वेट दिया जाता है) की तुलना पिछले दो महीनों के लॉन्ग-टर्म औसत से करते हैं.
मिसाल के तौर पर, आपका एक्टिविटी बैलेंस यह देखता है कि पिछले 14 दिनों में आपने शरीर पर कितना ज़ोर डाला है, और उसकी तुलना इस बात से करता है कि पिछले दो महीनों में आपके शरीर को कितनी मेहनत करने की आदत रही है. अगर आपने कल बहुत भारी वर्कआउट किया था, तो उसका असर आपके एक्टिविटी बैलेंस पर पिछले हफ़्ते किए गए वर्कआउट के मुकाबले कहीं ज़्यादा होगा.
आपका रेडीनेस स्कोर मेंस्ट्रुअल साइकिल और प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में होने वाले कुदरती बदलावों का भी ध्यान रखता है.
अच्छा रेडीनेस स्कोर क्या है?
रेडीनेस, एक्टिविटी, और स्लीप स्कोर — और उनको कॉन्ट्रिब्यूटर्स — 0 से 100 के स्केल पर रेट किए जाते हैं.
- 85-100: ऑप्टिमल
- 70-84: अच्छा
- 60-69: ठीक-ठाक/ फ़ेयर
- 0-59: ध्यान दें
85 या इससे ज़्यादा का मतलब हो सकता है कि आप नए चैलेंज के लिए तैयार हैं. 70 से कम स्कोर का मतलब है कि आपको आराम और रिकवरी को ज़्यादा अहमियत देनी चाहिए, ख़ासकर उन चीज़ों में जहाँ स्कोर कम दिख रहा है.
आपके रेडीनेस स्कोर में थोड़ा बहुत उतार-चढ़ाव होना अच्छी बात है. यह दिखाता है कि आप अपने शरीर को स्वस्थ तरीके से चुनौती दे रहे हैं. थोड़ा-बहुत कंट्रोल में रहने वाला स्ट्रेस आपके मेटाबॉलिक और कार्डियोवैस्क्युलर स्ट्रेंथ को बढ़ाने में मदद कर सकता है. ख़ुद को चुनौती दें, फिर आराम करके रिकवरी करें, और इस साइकल को दोहराते रहें ताकि लंबे समय तक अच्छी सेहत बनी रहे.
क्राउन आइकन क्या है?
जिस दिन आपका रेडीनेस, स्लीप या एक्टिविटी स्कोर 85 या उससे ज़्यादा होगा, तो उन स्कोर्स के बगल में आपको .
अपना रेडीनेस स्कोर कैसे बेहतर करें
अगर आप अपना रेडीनेस स्कोर बेहतर करना चाहते हैं और रिकवरी में मदद चाहते हैं, तो कल के स्कोर को सुधारने के लिए यहाँ आज के कुछ टिप्स दिए गए हैं:
- ज़्यादा मेहनत वाली एक्टिविटी कम करने की कोशिश करें, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि आप एकदम हाथ-पैर हिलाना ही छोड़ दें. कुछ ऐसी हल्की-फुल्की एक्टिविटी चुनें जिससे शरीर में थोड़ी हलचल तो हो पर थकान न बढ़े, जैसे 20 मिनट टहलना, हल्का योग या स्ट्रेचिंग
- थोड़ा आराम से रहें, पर कोशिश करें कि एक ही जगह ज़्यादा देर तक बैठे न रहें. कोशिश करें कि दिन भर में पाँच घंटे से ज़्यादा लगातार न बैठें, और बीच-बीच में थोड़ा-बहुत चलते-फिरते रहें
वो बातें जिनसे आपका रेडीनेस स्कोर कम हो सकता है
1. बॉडी टेंपरेचर का नॉर्मल से कम या ज़्यादा रहना
- बॉडी टेंपरेचर का ज़्यादा होना शरीर पर दबाव या तनाव दिखाता है, जैसे कि बीमार पड़ना
- बॉडी टेंपरेचर का कम रहना आपके शरीर में हो रहे बदलावों की वजह से हो सकता है, जैसे फ़ीमेल मेंस्ट्रुअल साइकिल के दौरान होता है. देखा गया है कि फ़ॉलिकुलर फ़ेज़ के दौरान (यानी ओव्यूलेशन से पहले के 14-दिन) शरीर का तापमान थोड़ा कम रहता है
2. रेस्टिंग हार्ट रेट (RHR) का कम या ज़्यादा होना
- अगर आपका RHR नॉर्मल से ज़्यादा है, तो इसका मतलब है कि आपके शरीर पर बहुत ज़्यादा दबाव पड़ रहा है और वह ठीक से रिकवर नहीं कर पा रहा है
- अगर आपका RHR नॉर्मल से कम है, तो इसका मतलब हो सकता है कि आपका नर्वस सिस्टम बहुत सुस्त है, यानी, शरीर को फ़िट रखने के लिए जितनी मेहनत की ज़रूरत है, उतनी उसे मिल नहीं रही है. इससे आपको सुस्ती महसूस हो सकती है
3. हार्ट रेट वेरिएबिलिटी (HRV) का कम या ज़्यादा होना
- अगर आपका HRV नॉर्मल से काफ़ी ज़्यादा है, तो इसका मतलब ये हो सकता है की आपका नर्वस सिस्टम कम एक्टिव है
- नॉर्मल से कम HRV इस बात का संकेत हो सकता है कि आपके शरीर पर ज़रूरत से ज़्यादा तनाव या दबाव पड़ रहा है.
4. लगातार नींद पूरी न होना
- अमेरिकन एकेडमी ऑफ़ स्लीप मेडिसिन के मुताबिक, अच्छी सेहत के लिए एक वयस्क (18+ साल) को हर रात कम से कम 7 से 9 घंटे की नींद लेनी चाहिए
5. एक्टिविटी बैलेंस का ज़्यादा या कम होना
- ज़्यादा एक्टिविटी बैलेंस यह दिखा सकता है कि आप अपने ऊपर ज़रूरत से ज़्यादा दबाव डाल रहे हैं या बहुत ज़्यादा मेहनत कर रहे हैं
- अगर आपका एक्टिविटी बैलेंस कम है, तो इसका मतलब हो सकता है कि आप अपने शरीर को उतनी चुनौती नहीं दे रहे जितनी उसे ज़रूरत है
6. देर से हार्ट रेट स्टेबल होना
- हार्ट रेट स्टेबल तब माना जाता है जब आपकी RHR पूरी रात की सबसे कम RHR के आसपास ही रहे (3 BPM के फ़र्क के अंदर).
- हार्ट रेट आमतौर पर आपकी RHR के सबसे निचले लेवल पर पहुँचने से पहले ही स्टेबल हो जाती है. बेहतर है अगर यह रात में थोड़ी जल्दी हो, ताकि आपके शरीर को रिकवरी के लिए ज़्यादा समय मिल सके
The Pulse' ब्लॉग पर रेडिनेस स्कोर के बारे में और जानकारी लें.
